LIVE Public of India  •  Pan-India Citizen Newsroom  •  Verified Reporting
support@publicofindia.in Membership
BREAKING
Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website
Latest

Latest Stories

183 image-based verified stories from across India

Business 21h ago
Keralams capital expenditure low, committed expenditure high: CM Satheesan
Keralams capital expenditure low, committed expenditure high: CM Satheesan
Public of India • India Read →
Business 21h ago
Why WTI Is Suddenly Trading $12 Below Brent
Oil prices edge higher as Hormuz diplomacy, soaring freight costs and diesel market fears drive a widening Brent-WTI spread. Oil prices are set for a slight 2% weekly gain, despite rumours that this week’s opening of the 2026 UN General Assembly sparked yet another diplomatic push to end Middle Eastern hostilities. Interestingly, the US benchmark WTI is set for a steep 7% decline as soaring freight prices and Trump’s toying with the idea of an export diesel ban soured the outlook for the American crude market. With WTI now trading $12…
Public of India • India Read →
Business 21h ago
Karnataka Public Service Commission scam: Suspended IAS officer claims he has testicular cancer, court rejects bail plea
Court in Bengaluru rejected bail for suspended IAS officer Gyanendra Kumar Gangwar in the KPSC job-for-cash scam despite cancer claims, citing witness risk.
Public of India • India Read →
Business 21h ago
Webull working with regulators as AI trading evolves
Webull working with regulators as AI trading evolves
Public of India • India Read →
Business 21h ago हिंदी
Webull AI ट्रेडिंग के विकास के साथ नियामकों से कर रहा है संवाद
Public of India • India पढ़ें →
Business 21h ago हिंदी
गुजरात के भुज से बिहार के बरौनी तक चलेगी अमृत भारत ट्रेन, राजस्थान-यूपी तक कनेक्टिविटी, 2,532KM तय करेगी दूरी
गुजरात के भुज से बिहार के बरौनी तक नई अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू होने जा रही है. यह ट्रेन 2,532 किलोमीटर का सफर तय करते हुए गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ेगी. ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी और रास्ते में अहमदाबाद, रतलाम, कोटा, मथुरा, बरेली, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी. भुज से ट्रेन शाम 5:30 बजे रवाना होगी, जबकि बरौनी से वापसी रात 11:55 बजे होगी. जानिए पूरा रूट और टाइमिंग.
Public of India • India पढ़ें →
Business 21h ago हिंदी
Galaxy Gaming ने पूंजीगत व्यय सीमा बढ़ाने के लिए क्रेडिट समझौते में संशोधन किया
Public of India • India पढ़ें →
Business 21h ago हिंदी
MF में पोर्टफोलियो मैनेजमेंट की नई व्यवस्था आएगी, RIA और वितरकों के लिए खुलेगा कमाई का नया जरिया
MF PMS model: म्युचुअल फंड (एमएफ) वितरक और पंजीकृत निवेश सलाहकार (आरआईए) हाल में सेबी से मंजूर सिर्फ एमएफ वाले पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (पीएमएस) मॉडल का आकलन कर रहे हैं। साथ ही वे इस ढांचे के बारे में ज्यादा स्पष्ट जानकारी के लिए…
Public of India • India पढ़ें →
Business 21h ago हिंदी
Real Estate: मजबूत मोबाइल नेटवर्क वाली इमारतों को मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट, आप चुन सकेंगे बेस्ट घर
मान लीजिए आप कोई घर, दफ्तर-दुकान या किसी और तरह की प्रॉपर्टी खरीदते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वहां तो नेटवर्क ही ठीक से नहीं आ रहा है तो ऐसे में बड़ी मुश्किल हो सकती है. कंज्यूमर्स की इसी दिक्कत को दूर करने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने आज डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया. TRAI ने इमारतों के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच के लिए एक खास मोबाइल ऐप भी पेश किया गया है. घर, ऑफिस या किसी अन्य इमारत में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी कैसी है, अब इसकी जानकारी लोगों को पहले से मिल सकेगी जिससे आप अपने लिए बेस्ट प्रॉपर्टी को पसंद कर सकते हैं. लोगों का क्या फायदा होगा? आजकल किसी भी ऑफिस, घर-संस्थान में सही मोबाइल नेटवर्क मिलना बेहद जरूरी है. TRAI ने ये डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म शुरू किया है जिससे इमारतों के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच होगी. इसकेअलावा एक खास मोबाइल ऐप भी पेश किया है जिससे लोगों को पहले से घर, ऑफिस या किसी अन्य इमारत में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी कैसी है, इसकी जानकारी मिल पाएगी. क्यों लिया TRAI ने ये फैसला TRAI ने ये फैसला लिया जिससे घर-प्रॉपर्टी लेने से पहले ही कस्टमर जान सके कि उस जगह पर नेटवर्क कनेक्टिविटी कैसी रहेगी. मोबाइल डेटा की करीब 70-80 परसेंट खपत घरों और दूसरी इमारतों के अंदर होती है. ऐसे में किसी प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी उसके खरीदारों और किरायेदारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू बन गई है. नया प्लेटफॉर्म लोगों को किसी प्रॉपर्टी की कनेक्टिविटी से जुड़ी जानकारी हासिल करने में मदद करेगा, जिससे वे खरीदने या लीज पर लेने का फैसला ज्यादा बेहतर कर सकेंगे. कैसे काम करेगा प्लेटफॉर्म? डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म पोर्टल और मोबाइल ऐप के कॉम्बिनेशन के तौर पर काम करेगा. प्रॉपर्टी मैनेजर इसमें अपनी प्रॉपर्टी को रजिस्टर कर सकेंगे, रेटिंग के लिए अप्लाई कर सकेंगे, जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकेंगे और रजिस्टर्ड डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी (DCRA) को चुन सकेंगे. आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी. वहीं, DCRA के जरिए प्रॉपर्टी का फील्ड असेसमेंट किया जाएगा. एजेंसियां खास मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर इमारत के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़े विभिन्न मानकों की जांच करेंगी और टेस्ट के नतीजे प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेंगी. ग्राहक भी ऑनलाइन देख सकेंगे रेटिंग इस प्लेटफॉर्म का एक अहम हिस्सा इसका पब्लिक रेटिंग सर्च पेज है. ग्राहक किसी प्रॉपर्टी का नाम या लोकेशन डालकर उसकी डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग देख सकेंगे. इसके अलावा पब्लिश्ड रेटिंग और संबंधित सर्टिफिकेट को भी ऑनलाइन सर्टिफाइड किया जा सकेगा. इससे घर या ऑफिस खरीदने अथवा किराये पर लेने वाले लोगों को प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी को भी अपने फैसले में शामिल करने का मौका मिलेगा. डिजिटल कनेक्टिविटी को मिलेगी रेटिंग TRAI के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि "डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म (DCR) की शुरुआत प्रॉपर्टीज में डिजिटल कनेक्टिविटी आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे कंज्यूमर को कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर और इसके परफॉर्मेंस से जुड़ी भरोसेमंद जानकारी मुहैया कराने में मदद मिलेगी." अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी भी होंगी शामिल TRAI का यह सिस्टम केवल तैयार इमारतों तक सीमित नहीं रहेगा. अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज के लिए भी रेटिंग और सर्टिफिकेशन की व्यवस्था की गई है. किन चीजों की होगी जांच? डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग फ्रेमवर्क में प्रॉपर्टी की कनेक्टिविटी का आकलन इन बातों पर किया जाएगा- फाइबर कनेक्टिविटी की तैयारी (Fibre Readiness) इन-बिल्डिंग डिजिटल कनेक्टिविटी सॉल्यूशन Wi-Fi इंफ्रास्ट्रक्चर मोबाइल नेटवर्क की अवेलिबिटी डिजिटल कनेक्टिविटी में नेटवर्क की स्थिरता डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बिजली की अवेलिबिलिटी इन अलग-अलग कैटेगरी की प्रॉपर्टीज के लिए तय मानकों और बेंचमार्क पर प्रॉपर्टी का वैल्यूएशन किया जाएगा. 2024 के फ्रेमवर्क पर बनाया गया DCR और ऐप TRAI का ये DCR प्लेटफॉर्म 2024 में जारी Digital Connectivity Rating Framework पर आधारित है. इसका मकसद प्रॉपर्टीज में डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर और उसकी रियल वर्किंग केपेबिलिटीज का एक स्टेंडर्ड तरीके से आकलन करना है. यह भी पढ़ें- बैंकों की 3 दिन की हड़ताल से पहले ग्राहकों को क्या-क्या सलाह दी गई है?
Public of India • India पढ़ें →
Business 21h ago हिंदी
Saudi Aramco पर Houthi विद्रोहियों के हमलों से Crude Oil की कीमतों में बड़ा उछाल
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल आया है। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर नए हमलों की खबर के बाद गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 3% से ज्यादा बढ़ गई। इन हमलों में सरकारी ऊर्जा कंपनी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा भी किया गया है। इससे पहले से दबाव झेल रही वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है। ब्रेंट कच्चा तेल, जिसे दुनिया में तेल की कीमतों का प्रमुख पैमाना माना जाता है, गुरुवार को कारोबार के दौरान 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया था। बाद में नवंबर के लिए ब्रेंट वायदा 106.50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ। शुक्रवार सुबह एशियाई कारोबार में कीमत थोड़ी नीचे आई और 02:00 जीएमटी तक ब्रेंट 105.77 डॉलर प्रति बैरल पर था। मौजूद जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक संवेदनशील ठिकाने और लाल सागर के किनारे बसे यानबू शहर में अरामको की सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। हूती समूह के मुताबिक, दोनों हमलों ने अपने लक्ष्य हासिल किए हैं। यह दावा हूती समूह द्वारा संचालित यमन समाचार एजेंसी में जारी बयान में किया गया है। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन बलों ने कहा कि उन्होंने हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब की तरफ दागी गई 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया है। सऊदी अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि इन हमलों से किसी तरह का नुकसान हुआ है या कोई व्यक्ति हताहत हुआ है। अरामको की ओर से भी सामान्य कामकाजी समय के बाहर इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। गौरतलब है कि अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल है और उसकी आपूर्ति वैश्विक तेल मांग का करीब 10% हिस्सा पूरी करती है। ऐसे में उसकी तेल सुविधाओं या आपूर्ति मार्गों पर किसी भी तरह का बड़ा हमला बाजार में चिंता बढ़ा सकता है। तेल कारोबार में यह डर रहता है कि किसी प्रमुख उत्पादक देश के ठिकानों पर हमला होने से उत्पादन या आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मध्य पूर्व में ताजा तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें फिर शुरू हुई हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने गुरुवार को उम्मीद जताई कि अमेरिका युद्ध खत्म करने से जुड़े पहले के समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर फिर लौटेगा। यह समझौता ज्ञापन अगस्त के मध्य में बिना किसी शांति समझौते के खत्म हो गया था। पेजेशकियन ने नवंबर में होने वाले अमेरिका के मध्यावधि चुनाव से पहले इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई है। सिडनी में केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वॉटर ने कहा कि युद्ध के बाद के स्तरों की तुलना में तेल की मौजूदा कीमतें अभी भी काफी ऊंची हैं। उनके अनुसार, इससे यह पता चलता है कि तेल की जरूरी आपूर्ति वाले रास्ते और सुविधाएं अब भी खतरे से पूरी तरह बाहर नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र में चल रही कूटनीतिक कोशिशें कीमतों पर कुछ दबाव कम कर रही हैं, लेकिन स्थायी तनाव कम होने के स्पष्ट संकेत नहीं मिलने तक तेल की कीमतों में ऊपर जाने का रुख बना रह सकता है। सिंगापुर की स्पार्टा कमोडिटीज की वरिष्ठ तेल बाजार विश्लेषक जून गोह ने भी कहा कि ईरान से जुड़ा युद्ध जारी रहने तक तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने की संभावना है। उनके मुताबिक, स्थिति का साफ समाधान नहीं निकलने से दुनिया के कई हिस्सों में तेल भंडार और उपलब्ध आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ रहा है। बता दें कि तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर सिर्फ ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहता है। कच्चा तेल महंगा होने पर परिवहन, उत्पादन और कई जरूरी सामान की लागत बढ़ सकती है। ऐसे में मध्य पूर्व में जारी तनाव और आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा पर दुनिया भर के बाजारों की नजर बनी हुई हैं।
Public of India • India पढ़ें →
Business 21h ago
Coal India Unit SECL Said To Hire Banks For $800 Million IPO
Discussions are ongoing and details including the size and timing of the offering could change.
Public of India • India Read →
Business 21h ago
Govt maintains net market borrowings, signals fiscal prudence commitment
The government has maintained net market borrowings at Budget levels despite fiscal pressures, signalling its commitment to fiscal prudence. The H2 FY27 borrowing is set at Rs 7.86 lakh crore, focusing on longer-duration securities to manage debt.
Public of India • India Read →