भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को स्थानीय मुद्रा में द्विपक्षीय व्यापार के निपटान, भुगतान तथा संदेश प्रणालियों के एकीकरण और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (सीबीडीसी) से जुड़ी पहल को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा कि ये मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनमें द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को अधिक कुशल, सुलभ और लचीला बनाने की अपार क्षमता है। इन मामलों पर यहां आयोजित भारत-यूएई निवेश उच्चस्तरीय संयुक्त कार्यबल (एचएलजेटीएफआई) की 14वीं बैठक के दौरान विस्तृत चर्चा हुई। व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के निवेशकों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए इस कार्यबल का गठन वर्ष 2013 में किया गया था। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) के प्रबंध निदेशक शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने की। बयान के मुताबिक, ‘‘सह-अध्यक्षों ने स्थानीय मुद्रा निपटान, भुगतान तथा संदेश प्रणालियों के एकीकरण और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं से संबंधित पहल पर यूएई और भारत के केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि इन उपायों में द्विपक्षीय व्यापार तथा निवेश को अधिक सुदृढ़ बनाने की क्षमता है। दोनों पक्ष इनके समयबद्ध क्रियान्वयन में सहयोग के लिए कदम उठाने पर सहमत हुए।’’ दोनों देशों के बीच ऊर्जा, उद्योग, लॉजिस्टिक, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम मेधा (एआई), अंतरिक्ष, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और स्टार्टअप परिवेश जैसे क्षेत्रों में आपसी निवेश बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी गईं।
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