LIVE Public of India  •  Pan-India Citizen Newsroom  •  Verified Reporting
support@publicofindia.in Membership
BREAKING
Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website Submit your story — verified, policy-led, privacy-first publishing Hindi & English news updated every 15 minutes from across India Members get priority review, profile badge & creator dashboard Public of India is a private platform — not a government website
National

India News

National desk highlights — image-first verified coverage from across India

SPORTS Verified India • 13h ago

दहाड़ते हुए लखनऊ की शेरनियां पहुंची फाइनल में

लखनऊ। बारिश थमी तो लखनऊ की क्रिकेटर बेटियों का उत्साह सातवें आसमान पर था। लखनऊ विमेन्स प्रीमियर लीग में रविवार को सेज ग्राउण्ड पर सेमीफाइनल खेलने को जो मौका मिलने वाला था। इस सेमीफाइनल में लखनऊ शेरनियों ने लखनऊ नवाबी क्वीन को छह विकेट से हराकर दहाड़ते हुए फाइनल में जगह बनाई। फ...

Read Full Story →
More Stories
All Latest →
Business 13h ago
Delhi Amritsar Katra Expressway: वैष्णो देवी 6 घंटे और स्वर्ण मंदिर 4 घंटे दूर! ₹39,000 करोड़ का मेगा कॉरिडोर तैयार
उत्तर भारत में सड़क कनेक्टिविटी के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे अब तेजी से धरातल पर उतर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 39,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार हो रहा यह 670 किलोमीटर लंबा नियंत्रित-पहुंच (Access-Controlled) ग्रीनफील्ड कॉरिडोर उत्तर भारत के सफर की पूरी तस्वीर बदलने के लिए तैयार है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को धार्मिक पर्यटन के दो सबसे बड़े केंद्रों—माता वैष्णो देवी (कटरा) और श्री हरमंदिर साहिब (अमृतसर)—से जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल समय की भारी बचत करेगा बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (पुराने जीटी रोड) पर लगने वाले भीषण जाम से भी मुसाफिरों को हमेशा के लिए राहत दिलाएगा। दिल्ली से कटरा 6 घंटे और अमृतसर केवल 4 घंटे: सफर का नया दौर वर्तमान समय में दिल्ली से कटरा जाने के लिए यात्रियों को पुराने रूट (लगभग 727 किलोमीटर) से 12 से 14 घंटे तक का लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ता है। इसी तरह दिल्ली से अमृतसर की दूरी तय करने में लगभग 8 घंटे लग जाते हैं। नए दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद दिल्ली से कटरा की दूरी घटकर लगभग 588 किलोमीटर रह जाएगी और यह सफर महज 6 से 7 घंटे में पूरा हो सकेगा। वहीं दिल्ली से अमृतसर का 405 किलोमीटर का फासला केवल 4 घंटे में तय किया जा सकेगा। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का समय आधा हो जाएगा। रूट मैप और राज्यों का नेटवर्क: हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर का संगम यह मेगा एक्सप्रेसवे दिल्ली के पास बहादुरगढ़ बॉर्डर और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के पास निलोठी गांव से शुरू होता है। यह कॉरिडोर तीन राज्यों हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के प्रमुख जिलों को आपस में जोड़ता है: हरियाणा: यह खंड लगभग 135 किमी लंबा है, जो झज्जर, रोहतक, सोनीपत, जींद, करनाल, कैथल और अंबाला से होकर गुजरता है। पंजाब: पंजाब में यह पटियाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर को कवर करता है। नकोदर के पास यह मुख्य मार्ग दो हिस्सों में बंटता है। अमृतसर स्पर (NE-5A): नकोदर से 99 किलोमीटर लंबा एक अलग ग्रीनफील्ड स्पर सीधे अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाता है। जम्मू और कश्मीर (NE-5): मुख्य मार्ग गुरदासपुर और पठानकोट से आगे बढ़ते हुए कठुआ, सांबा, जम्मू रिंग रोड होते हुए त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में बसे कटरा तक पहुंचता है। आधुनिक इंजीनियरिंग, ब्यास नदी पर केबल-स्टेड ब्रिज और हाई-टेक सुविधाएं यह 4-लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 8-लेन तक विस्तार योग्य डिजाइन किया गया है। जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बॉर्डर क्षेत्र में शिवालिक की पहाड़ियों के बीच यह परियोजना इंजीनियरिंग का एक अनूठा उदाहरण पेश करती है। परियोजना के सबसे प्रमुख आकर्षणों में ब्यास नदी पर बनने वाला करीब 1,300 मीटर लंबा भव्य केबल-स्टेड ब्रिज (Cable-Stayed Bridge) और शिवालिक रेंज में बनाई जा रही अत्याधुनिक सुरंगे शामिल हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत के लिए पूरे रूट पर वे-साइड एमिनिटीज (Wayside Amenities), ट्रॉमा सेंटर, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड स्टेशन, हाई-टेक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, ट्रक ले-बाय और जीपीएस-आधारित ऑटोमैटिक टोल प्लाजा की व्यवस्था की जा रही है। व्यापार, लॉजिस्टिक्स और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा अभूतपूर्व बढ़ावा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित किया जा रहा यह कॉरिडोर केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि उत्तर भारत का आर्थिक गलियारा बनेगा। पंजाब के औद्योगिक हब जैसे लुधियाना और जालंधर सीधे दिल्ली एनसीआर के बाजारों और बंदरगाहों से तेजी से जुड़ सकेंगे। कृषि उत्पादों, होजरी और मैन्युफैक्चरिंग गुड्स की ढुलाई तेज होने से लॉजिस्टिक्स लागत में भारी गिरावट आएगी। इसके साथ ही वैष्णो देवी, स्वर्ण मंदिर, तरनतारन साहिब और गोइंदवाल साहिब जैसे विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा बेहद सुगम हो जाने से होटल, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय रोजगार को जबरदस्त गति मिलेगी। चरणबद्ध तरीके से खुल रहा कॉरिडोर: जानिए कब तक पूरा होगा पूरा प्रोजेक्ट परियोजना को दो मुख्य चरणों और 21 पैकेजों में विभाजित कर तैयार किया जा रहा है। हरियाणा के भीतर 135 किमी का हिस्सा काफी हद तक पूरा होकर संचालन स्थिति में पहुंच चुका है, जबकि पंजाब और जम्मू-कश्मीर के पैकेजों पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण और पहाड़ी भौगोलिक चुनौतियों के समाधान के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस समूचे 670 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से जनता के लिए समर्पित करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इसके पूरी तरह शुरू होते ही दिल्ली से माता के दरबार कटरा तक का सड़क सफर किसी हवाई यात्रा की रफ्तार और आराम जैसा अनुभव देगा।
Public of India • India Read →
Sports 13h ago
जापान में आएगा वैभव का तूफान? QF में ऐसी हो सकती है प्लेइंग 11
एशियन गेम्स में भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल में एंट्री मिली थी. अब श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम अंतिम-8 मुकाबले में अफगानिस्तान का सामना करेगी. भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में तीन मैचों की टी20 सीरीज में हिस्सा लिया था.
Public of India • India Read →
Technology 13h ago
I’m kind of bored with my Exter AMT and want to upgrade. I mostly use it for city driving, but I want something with a fun-to-drive quotient and maybe something that doesn’t feel dated after a few years. My budget is ₹18 lakh on-road in Mumbai. Please adv
Go for the Skoda Kushaq 1.0 TSI automatic. It is the best balance between your city usage and your desire for a more engaging driving experience. The 1.0 TSI engine is punchy and responsive, and the new 8-speed torque converter automatic is smooth and reliable in traffic. The Kushaq is also one of the most fun-to-drive cars in its segment, with sharp steering and a well-sorted chassis that makes it genuinely enjoyable on open roads. At the same time, it is compact enough to be easy to live with in Mumbai traffic and parking situations. In terms of feeling fresh, the Kushaq recently received a midlife facelift and should not feel dated for several years. It also offers a good level of features and a solid safety package.
Public of India • India Read →
Technology 13h ago
UPI से हटेगा चार्ज? 2000 वाली लिमिट को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले पर टिकी है पूरे देश की नजरें!
भारतीय डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के लिए आने वाले दिन बेहद अहम होने जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को केंद्र सरकार के उस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें 2000 रुपये से अधिक के चुनिंदा यूपीआई ‘पर्सन-टू-मर्चेंट’ (P2M) ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का प्रावधान किया गया है। यह पूरा … The post UPI से हटेगा चार्ज? 2000 वाली लिमिट को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले पर टिकी है पूरे देश की नजरें! appeared first on Bharat Samachar | Hindi News Channel .
Public of India • India Read →
General 13h ago
बलरामपुर- जनपद में अतिवृष्टि के दृष्टिगत जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर, सभी विभागों द्वारा युद्ध स्तर पर राहत एवं सेवाओं को सुचारु रखने का कार्य जारी
बलरामपुर- जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन द्वारा निरंतर प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया जा रहा है एवं सभी सेवाएं सुचारू रूप से बहाल किए जाने का जायजा लिया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने, आवागमन को निर्बाध रूप से संचालित करने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी सुनिश्चित करने, फसल क्षति का आकलन करने तथा आमजन को उपलब्ध कराई जाने वाली अन्य आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। *राप्ती नदी का जलस्तर* सायं 06:00 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 104.300 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 32 सेंटीमीटर नीचे है। प्राप्त पूर्वानुमान में आगामी कुछ घंटों में राप्ती नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना है। प्रशासन द्वारा राप्ती नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है तथा नदी एवं इसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्क रखा गया है। *जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी का कार्य* जनपद में जिन स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है, वहां जिला पंचायत राज अधिकारी एवं संबंधित विभागों के माध्यम से जल निकासी का कार्य लगातार कराया जा रहा है। आवश्यकतानुसार उपलब्ध संसाधनों एवं कर्मचारियों को मौके पर लगाया गया है, ताकि जलभराव को शीघ्र समाप्त किया जा सके और आमजन को राहत मिल सके। *विद्युत एवं आवागमन व्यवस्था पर विशेष ध्यान* अतिवृष्टि के कारण प्रभावित विद्युत आपूर्ति को यथासंभव शीघ्र सुचारु किए जाने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार प्रमुख मार्गों एवं आवागमन वाले क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी करते हुए यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। *फसल क्षति का आकलन* अतिवृष्टि के कारण संभावित फसल क्षति का आकलन करने के लिए संबंधित विभागों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए क्षति का आकलन किया जा रहा है। *संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी* जिला प्रशासन द्वारा सभी संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ विभाग द्वारा आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखे गए हैं तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्क रखा गया है। जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा नदी, नालों एवं जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा आमजन की सुरक्षा एवं आवश्यक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं। हिन्दी संवाद न्यूज से रिपोर्टर वी. संघर्ष बलरामपुर।
Public of India • India Read →
General 13h ago
Six CJP Women Volunteers Released In Guwahati, Several Leaders Still Detained
Guwahati: Six women volunteers of the Cockroach Janta Party (CJP), who were detained by the Assam Police earlier on Sunday while on their way to attend a
Public of India • India Read →
General 13h ago
South Korea voices regret over Ukraine denial of pact on North Korean PoWs, Yonhap reports
Public of India • India Read →
General 13h ago
एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया अमरूद का पौधा
उत्तर बस्तर कांकेर, ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी […]
Public of India • India Read →
General 13h ago
Bangladesh measles outbreak claims nine more lives, death toll nears 1,100
Dhaka, Sep 27 (IANS) As Bangladesh grapples with an unprecedented measles outbreak, nine more children died from symptoms of the disease in the 24 hours until 8 a.m. (local time) on Sunday, raising the total number of confirmed and suspected measles-related fatalities to 1,096 in 2026, local media reported. All nine fatalities from the disease were identified as suspected cases, according to the Directorate General of Health Services (DGHS). With the latest fatalities, the total number of suspected measles deaths rose to 995, while confirmed fatalities remain unchanged at 101, United News of Bangladesh (UNB) reported. As many as 1,228 new suspected measles cases were reported in Bangladesh during the 24-hour period, taking the total number of suspected measles cases in the country to 188,041. During the same period, 113 new confirmed measles cases were reported, pushing the total number of laboratory-confirmed cases to 21,212, UNB reported. As many as 166,310 patients with suspected measles have been admitted to hospitals in Bangladesh since March 15. Among those, 159,519 have recovered from the disease, according to the DGHS. As Bangladesh continues to witness a sharp increase in measles cases, a leading international advocacy group recently described the 2026 outbreak as one of the country’s worst public health crises in recent history, highlighting the concern that the disease is preventable through vaccination. In its report titled ‘Preventable Tragedy: Bangladesh's 2026 Measles Outbreak’, Canada-based Global Centre for Democratic Governance (GCDG) said that although the measles outbreak appeared sudden to the public, it was not an unexpected event from an "epidemiological perspective". The report noted that the crisis resulted from a combination of disruptions to vaccine supply and health programs in 2024-2025 during the former interim government led by Muhammad Yunus, along with missed routine vaccinations, cancellations of scheduled supplementary immunisation programmes, administrative delays in vaccine procurement, and a failure to identify at-risk populations promptly. According to GCDG, Bangladesh had long procured World Health Organisation (WHO)-approved vaccines through the United Nations Children's Fund (UNICEF)'s international supply chain; however, the interim government replaced this system with an open tender procurement process. Citing UNICEF, the report said the agency repeatedly warned the interim government of a potential vaccine shortage through five to six formal letters and around 10 meetings held between 2024 and 2026. --IANS akl/vd
Public of India • India Read →